क्रिश्चियन नामकरण संस्कार का क्या महत्व है?



प्रश्न: क्रिश्चियन नामकरण संस्कार का क्या महत्व है?

उत्तर:
क्रिश्चियन नामकरण संस्कार, बाइबल के अनुसार, एक विश्वासी के आंतरिक जीवन में घटित घटनाओं का बाह्य साक्ष्य है । क्रिश्चियन नामकरण संस्कार एक विश्वासी की पहचान को यीशु की मृत्यु, गाड़े जाने, तथा पुनरुत्थान के साथ समझाता है । बाइबल द्घोषणा करती है, "क्या तुम नहीं जानते, कि हम जितनों ने मसीह यीशु का नामकरण संस्कार लिया, तो उसकी मृत्यु का नामकरण संस्कार लिया? सो उस मृत्यु का नामकरण संस्कार पाने से हम उसके साथ गाड़े गए, ताकि जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही हम भी नए जीवन की तरह जीयें" (रोमियो ६:३-४) क्रिश्चियन बपतिस्में में पानी में डुबकी लगाने की क्रिया मसीह के साथ गाड़े जाने को दर्शाना है । पानी से बाहर निकलने की क्रिया मसीह का पुनरुत्थान दर्शाती है ।

क्रिश्चियन नामकरण संस्कार में, बपतिस्में से पहले एक व्यक्ति में दो आवश्यकायें को पूरा करना चाहियें : (१) नामकरण संस्कार लेने वाले व्यक्ति को यीशु मसीह पर अपने उद्धारकर्ता के रूप में भरोसा करना चाहिये, तथा (२) व्यक्ति को यह समझना चाहिये कि नामकरण संस्कार किस बात का प्रतीक होता है । अगर व्यक्ति प्रभु यीशु को उद्धारकर्ता के रूप में जानता है, यह समझता है कि क्रिश्चियन नामकरण संस्कार सार्वजनिक तरीके से मसीह में उसके विश्वास का ऐलान करते हुए आज्ञाकारिता का एक कदम है, तथा नामकरण संस्कार पाने की इच्छा रखता है-तो फिर कोई कारण नहीं है कि उसको नामकरण संस्कार दिये जाने से रोका जा सके । बाइबल के अनुसार, क्रिश्चियन नामकरण संस्कार साधारणतया आज्ञाकारिता का एक कदम है, एक व्यक्ति के उद्धार के लिये केवल मसीह में विश्वास का सार्वजनिक ऐलान है । क्रिश्चियन नामकरण संस्कार महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आज्ञाकारिता का एक कदम है, सार्वजनिक रूप से मसीह में भरोसा तथा उसके प्रति प्रतिबद्धता तथा मसीह की मृत्यु, गाड़े जाने, तथा पुनरुत्थान की पहचान की घोषणा करके ।



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क्रिश्चियन नामकरण संस्कार का क्या महत्व है?