कलीसिया का मेघारोहण क्या है?



प्रश्न: कलीसिया का मेघारोहण क्या है?

उत्तर:
मेघारोहण शब्द बाइबल मे नही लिखा मिलता है। ये शब्द लेटिन भाषा के शब्द से निकल कर आता है जिसका अर्थ "उठा लिए जाने, एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने, या किसी से कुछ छीन लिए जाने" से है। यह विचारधारा कि "किसी को उठा लिया जाना" या कलीसिया का मेघारोहण पवित्रशास्त्र में पूर्ण स्पष्टता के साथ सिखाया गया है।

कलीसिया का मेघारोहण या बादलों पर उठाया जाना या हवा में मिलना वह घटना है जिसमें परमेश्वर सभी विश्वासियों को धरती पर से "छीन लेगा" ताकि क्लेश के समय अपने पवित्र न्याय को धरती पर उडेले जाने के लिए मार्ग को प्रशस्त किया जा सके। मेघारोहण मुख्यता 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-18 और 1 कुरिन्थियों 15:50-54 मे वर्णित किया गया है। परमेश्वर सभी विश्वासियों, को जो मर चुके है, जी उठाएगा, उन्हें महिमामय देह देगा, और उन्हें उन सब विश्वासियों के साथ जो जीवित होगे के साथ और उन्हें भी उस समय महिमामय देह को दिए जाने के बाद धरती पर से उठा लेगा। “क्योंकि प्रभु आप ही स्वर्ग से उतरेगा; उस समय ललकार, और प्रधान दूत का शब्द सुनाई देगा, और परमेश्वर की तुरही ‌‌‌फूँकी जाएगी; और जो मसीह मे मरे हैं, वे पहले जी उठेंगे। तब हम जो जीवित और बचे रहेंगे उनके साथ बादलों पर उठा लिये जाएँगे कि हवा मे प्रभु से मिलें और इस रीति से हम सदा प्रभु के साथ रहेंगे” (1 थिस्सलुनीकियों 4:16-17)।

कलीसिया का मेघारोहण में क्षण भर में हमारे शरीरों का अनन्तकाल के अनुरूप उसमें रहने के लिए होने वाला परिवर्तन सम्मिलित है। “देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूँ: हम सब नही सोएँगे, परन्तु सब बदल जाएँगे, और यह क्षण भर में; पलक मारते ही अन्तिम तुरही ‌‌‌फूँकते ही होगा। क्योंकि, तुरही फूँकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा मे उठाए जाएँगे, और हम बदल जाएँगे” (1 कुरिन्थियों 15:51-52)। कलीसिया के मेघारोहण को प्रभु के दूसरे आगमन से भिन्न करना चाहिए। मेघारोहण के समय, प्रभु "बादलों पर," "हवा में" हमारे साथ मुलाकात करने आता है (1 थिस्सलुनीकियों 4:17)। दूसरे आगमन के समय, प्रभु पृथ्वी पर जैतून के पहाड़ के ऊपर उतरता है, जिसके परिणामस्वरूप परमेश्वर के शत्रुओं की हार के पश्चात् एक बहुत बड़ा भूकम्प आता है (जकर्याह 14:3-4)।

कलीसिया के मेघारोहण का धर्मसिद्धान्त पुराने नियम में नहीं सिखाया गया था, इसी कारण पौलुस इसे एक रहस्य कह कर पुकारता है जो कि अब प्रकाशित हुआ है: "देखो, मैं तुम से भेद की बात कहता हूँ : हम सब नहीं सोएँगे, परन्तु सब बदल जाएँगे, और यह क्षण भर में, पलक मारते ही अन्तिम तुरही फूँकते ही होगा। क्योंकि तुरही फूँकी जाएगी और मुर्दे अविनाशी दशा मे उठाए जाएँगे, और हम बदल जाएँगे” (1 कुरिन्थियों 15:51-52)।

कलीसिया का मेघारोहण एक महीमामय घटना है जिसके घटित होने की हम सब को तीव्र इच्छा होनी चाहिए। हम अतंत: पाप से स्वतंत्र हो जाएँगे। हम हमेशा परमेश्वर की उपस्थिति में होंगे। कलीसिया के मेघारोहण के अर्थ और सीमा को लेकर बहुत अधिक विवाद है। ऐसी परमेश्वर की मंशा नहीं है। अपितु, कलीसिया के मेघारोहण के विषय में, परमेश्वर हम से यह चाहता है कि हम “इन बातों से एक दूसरो को शान्ति दिया करें" (थिस्सलुनीकियों 4:18)।



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