अन्त समयो के क्या चिन्ह है?



प्रश्न: अन्त समयो के क्या चिन्ह है?

उत्तर:
मत्ती 24: 5-8 हमे कुछ महत्वपूर्ण संकेत प्रदान करता है जिससे हम अन्त समयो के आने को समझ सके, “क्योकि बहुत से ऐसे होगे जो मेरे नाम से आकर कहेगे”। “मै मसीह हॅू” और बहुत को भरमाएगे। तुम लड़ाइयो और लड़ाइयो की चर्चा सुनोगे, तो धबरा न जाना क्योंकि इन का होना अवश्यक क्योकि जाति पर जाति और राज्य पर राज्य चढ़ाई करेगा, जगह-जगह अकाल पडेगे और भूकम्प होगे। ये सब बाते पीडाओ का आरम्भ होगी। झठे मसीह बढे़ंगे, युद्व बढेंगे और अकाल, महामारीयॉ, और प्रकृतिक विपत्तिया बढ़ेगी यह अन्त समयो के चिन्ह है। इस लेख मे, यद्यापि, हमको चेतावली दी गई है, परन्तु हमे भहकावे मे नही आना है, क्योकि यह घटनाए मात्र गर्भ की पीडाओ का आरम्भ है; अन्त का आना तो अभी भी बाकी है।

कुछ व्याख्यकर्ता हर एक भूकम्प हर एक बडे राजनेतिक उथल-पुथल, और इस्त्राएल पर होने वाले हर एक अक्रामण को अन्त समय जल्द आ रहे है का निश्चित चिन्ह बताते हुए इगित करते है। जब कि ये घटनाए अन्त के दिनो के आने का सम्भवता संकेत तो करती है, परन्तु यह आवश्यक नही कि ये संकेत करती है कि अन्त समय आ पहुचा है। प्रेरित पौलुस ने चेतावनी दी थी कि अन्त के दिनो मे झूठी शिक्षाओ मे स्पष्ट वृद्वि आएगी। परन्तु आत्मा स्पष्टता से कहता है कि आने वाले समयो मे कितने लोग भरमाने वाली आत्माओ, और दुष्टआत्माओ की शिक्षाओ पर मन लगा कर विश्वास से बहक जाएगे, (तीमुथियुस 4:1)। सक्रियता से “सच्चाई का विरोध” करने वाले आदमी और लोगो के बढते हुए बुरे चरित्र के कारण, अन्तिम दिनो का वर्णन कठिन समय कहकर किया गया है (2 तीमुथियुस 3:1-9, :2 थिस्सलुनीकियो 2:3, भी देखे)।

यरूशलेम मे यहूदी मन्दिर का दुबारा बनाया जाना, इस्त्राएल के प्रति बढा हुआ बैर, और संसार की एक सरकार बनाने की ओर बढना अन्य सम्भव चिन्हो मे समिलित है। अन्त समयो का सबसे मुख्य चिन्ह है, हांलाकि, इसराएल राष्ट्र ही। 70 ईसवी के बाद पहली बार सन् 1948 मे इस्त्राएल को प्रभुत्व सम्पत्र राष्ट्र की पहचान मिली थी। परमेश्वर ने इब्राहिम से प्रतीज्ञा की थी कि उसका वंश कनान का अनन्तकालिन अधिकारी होगा (उत्पत्ति 17:8), यहेजकेल ने इस्त्राएल के दैहिक और आत्मिक रूप से जीवित किये जाने के विषय मे भविष्यवाणी की है (यहेजकेल अध्याय 37)। अन्त समयो की भविष्यवाणी को समझने हेतु इस्त्राएल का अपनी भूमि पर राष्ट्र के रूप मे होना अति महत्वपूर्ण है। क्योकि इस्त्राएल का धार्मिक प्रलय शास्त्र मे महत्वपूर्ण स्थान है (दानियाल 10:14; 11:41, प्रकाशित वाक्या 11:81)।

इन चिन्हो को ध्यान मे रखते हुए हम अन्त समयो की प्रतीक्षा के विषय मे बुद्विमान और समझदार हो सकते है। यद्यपि, हमें इन मे से किसी एक घटना की व्याख्या अन्त समयो के जल्द आने के स्पष्ट संकेत के तौर पर नही करना चाहिए। परमेश्वर ने हमे पार्यप्त जानकारी प्रदान की है कि हम तैयार हो सके और इसी के लिए हमे बुलाया भी गया है।



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