उद्धार के लिए क्या कदम हैंॽ



प्रश्न: उद्धार के लिए क्या कदम हैंॽ

उत्तर:
बहुत से लोग "उद्धार के लिए कदमों" की ओर देख रहे हैं। लोगों को एक निर्देश हस्तपुस्तिका में दिए हुए पाँच कदमों के विचार पसन्द आते हैं, यदि इनका पालन किया जाता, तो इसका परिणाम उद्धार प्राप्ति होगा। इसका एक उदाहरण इस्लाम के पाँच धर्मसिद्धान्त हैं। इस्लाम के अनुसार, यदि इन पाँच धर्मसिद्धान्तों की आज्ञापालन की जाए, तो उद्धार की गांरटी मिलती है। क्योंकि उद्धार के लिए कदम-दर-कदम आगे बढने के विचार की प्रक्रिया बहुत अधिक लुभावनी है, बहुत से लोग मसीही समाज में उद्धार को कदम-दर-कदम आगे बढ़ने के विचार की प्रक्रिया में लाते हुए प्रस्तुत करने की गलती करते हैं। रोमन कैथालिक मत में सात संस्कार दिए हुए हैं। भिन्न मसीही सम्प्रदाय बपतिस्मे, सार्वजनिक अंगीकरण, पाप से फिरने, अन्यभाषा में बोलने आदि को इसमें मुक्ति को प्राप्त करने के कदमों के रूप में जोड़ देते हैं। परन्तु बाइबल उद्धार प्राप्ति के लिए केवल एक ही कदम को प्रस्तुत करती है। जब फिलिप्पी की कैद के दरोगा ने पौलुस से पूछा कि, "उद्धार पाने के लिए मैं क्या करूँॽ" पौलुस ने उत्तर दिया था कि, "प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर तो तू बचाया जाएगा" (प्रेरितों के काम 16:31)।

यीशु मसीह में उसके अपना उद्धारकर्ता मानते हुए विश्वास करना ही उद्धार के लिए केवल एक "कदम" है। बाइबल का सन्देश पूरी तरह से स्पष्ट है। हम सबने परमेश्वर के विरूद्ध पाप किया है (रोमियों 3:23)। हमारे पापों के कारण, हम अनन्तकाल के लिए परमेश्वर से दूर हो जाने के योग्य हैं (रोमियों 6:23)। हमारे लिए उसके प्रेम के कारण (यूहन्ना 3:16), परमेश्वर ने मनुष्य का रूप धारण किया और हमारे स्थान पर मरते हुए, उस दण्ड़ को अपने ऊपर ले लिया जिसके पात्र हम थे (रोमियों 5:8; 2 कुरिन्थियों 5:21)। परमेश्वर उन सभी को जो यीशु को अपना उद्धारकर्ता, अनुग्रह से विश्वास के द्वारा स्वीकार करते हैं स्वर्ग में अनन्त जीवन और पापों की क्षमा को प्रदान करने की प्रतिज्ञा करता है (यूहन्ना 1:12; 3:16; 5:24; प्रेरितों का काम 16:31)।

उद्धार प्राप्ति के लिए कोई निश्चित कदमों को उठा लेने से उद्धार की प्राप्ति नहीं हो जाती है। हाँ, मसीहियों को बपतिस्मा लेना चाहिए। हाँ, मसीहियों को मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करने के लिए सार्वजनिक रूप से स्वीकार करना चाहिए। हाँ, मसीहियों को पाप से फिरना चाहिए। हाँ मसीहियों को अपने जीवन को परमेश्वर की आज्ञापालन के लिए समर्पित करना चाहिए। परन्तु फिर भी, यह उद्धार प्राप्ति के लिए कदम नहीं हैं। ये तो उद्धार के परिणाम हैं। हमारे पापों के कारण, हम किसी भी तरह से उद्धार को प्राप्त नहीं कर सकते हैं। हम 1000 कदमों के पीछे चल सकते हैं, और यह फिर भी पर्याप्त न हो। इस लिए ही यीशु हमारे स्थान पर हमारे लिए मर गया। हम पूरी तरह से हमारे पापों का दण्ड को अदा करने के लिए या स्वयं को पाप से साफ करने के लिए असक्षम हैं। केवल परमेश्वर ही हमारे लिए उद्धार को पूरा कर सकता है और उसने ऐसा किया भी है। परमेश्वर ने स्वयं "कदमों" को पूरा किया है और इस तरह से हर उसको उद्धार प्रदान करता है, जो उससे इसे प्राप्त करते हैं।

पापों से उद्धार और क्षमा के लिए कदमों के ऊपर चलना नहीं होता है। यह मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में स्वीकार करने और जो कुछ उसने हमारे लिए किया है उसकी पहचान के बारे में हैं। परमेश्वर हमसे केवल एक ही कदम को मांग करता है – यीशु मसीह को अपने उद्धारर्ता के रूप में स्वीकार करना और उद्धार के मार्ग के लिए केवल उसी ही के ऊपर भरोसा करना। यही है जो मसीही विश्वास को इस संसार के अन्य सभी धर्मों से भिन्न कर देता है, जिनमें प्रत्येक के पास उद्धार की प्राप्ति के लिए कदमों को लेने की सूची दी गई है। मसीही विश्वास यह पहचान करता है कि परमेश्वर ने पहले से ही सभी कदमों को पूरा कर दिया है और केवल वह हमें इसे प्राप्त करने के लिए उसमें विश्वास करने के लिए बुलाहट देता है।

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